नई दिल्ली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका ने पैहलगम हमले में शामिल प्रतिरोध मोर्चा (टीआरएफ) को एक आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित किया है। भारत के विदेश मंत्री एसके जयशंकर ने इस फैसले की सराहना की और इसे इंडो-यूएस आतंकवाद विरोधी सहयोग की एक मजबूत पुष्टि के रूप में वर्णित किया।
जैशंकर ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “इंडो-यूएस-अमेरिकी-अमेरिकी विरोधी आतंकवाद विरोधी सहयोग की एक मजबूत पुष्टि। मैं अमेरिकी राज्य विभाग और सीनेटर मार्को रुबियो की सराहना करता हूं, जो कि एक विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) के रूप में लश्कर-ए-टीएबा (लेट) के एक प्रॉक्सी (मास्क संगठन) टीआरएफ को नामित करने के लिए है।”
साथ ही, अमेरिकी दूतावास ने आधिकारिक एक्स पोस्ट में भी लिखा, “अमेरिकी निर्णय पर, भारतीय दूतावास ने कहा कि टीआरएफ पर प्रतिबंध भारत और अमेरिका के मजबूत विरोधी विरोधीवाद सहयोग का एक उदाहरण है। हम अमेरिकी राज्य विभाग के आभारी हैं कि उन्होंने प्रतिरोध मोर्चा (टीआरएफ) को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) के रूप में सूचीबद्ध किया।
मुझे बता दें कि टीआरएफ ने 22 अप्रैल को पाहलगाम में आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली, जिसमें 26 लोगों को पाकिस्तान -बैक वाले आतंकवादियों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमले ने क्षेत्र में सुरक्षा के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा कीं।
इससे पहले गुरुवार (यूएस टाइम), अमेरिकी सचिव राज्य के सचिव मार्को रुबियो ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया था, “आज, विदेशी विभाग ने प्रतिरोध के मोर्चे को विदेशी आतंकवादी संगठन (विदेशी आतंकवादी संगठन) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए वैश्विक आतंकवादी) के रूप में नामांकित किया है।
यह कदम भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि जम्मू और कश्मीर जैसे क्षेत्रों में आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों में लंबे समय तक रहा है। जायशंकर ने इस सहयोग को ‘आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता’ की नीति के हिस्से के रूप में वर्णित किया है।
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