रामविरिक बेनिपुरी: कलाम ने क्रांति की मशाल जलाया, साहित्य के साथ समाज की तस्वीर बदल दी
नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। साहित्य को समाज का एक दर्पण माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसने दुनिया भर में कई क्रांतियों को जन्म दिया और…
फसई लाइसेंस के लिए एक नया ‘आयुर्वेद अरा’ श्रेणी – शास्त्रीय साहित्य से भोजन
1 सितंबर से, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (FSSAI) ने निर्माताओं को अपने भोजन Fooo Safoty Compiy Complies System (FOOSCOS) पर इस नए ‘प्रकार के व्यवसाय’ (KOB) के…
जुबली विशेष: साहित्य का प्रेम, विज्ञान के लिए क्रांति, एक अद्भुत भारतीय वैज्ञानिक प्रफुलला चंद्र रे की गाथा
नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। 2 अगस्त महान वैज्ञानिक प्रफुलला चंद्र रे की जन्म वर्षगांठ है। प्रफुलला चंद्र रे न केवल एक महान वैज्ञानिक थे, बल्कि वे शिक्षकों, राष्ट्र सेवकों…
वासुदेव शरण अग्रवाल: भारत के अनमोल रत्ना, जिन्होंने भारतीय साहित्य और संस्कृति को एक नया दृष्टिकोण दिया
नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। डॉ। वासुदेव शरण अग्रवाल का नाम उन विद्वानों में अग्रणी है, जिन्होंने विश्व मंच पर भारत के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और साहित्यिक विरासत की स्थापना की।…
बंगला साहित्य नायिका अशापुरना देवी, जरी चेतना जाला मशाल
नई दिल्ली, 12 जुलाई (आईएएनएस)। अशापुरना देवी बंगला साहित्य का एक व्यक्ति है, जिसने न केवल अपने लेखन के साथ साहित्य को समृद्ध किया, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति…
बाबा नागार्जुन भारतीय साहित्य के ‘जनकवी’ थे, लेखन के माध्यम से समाज के लिए नई चेतना की आवाज
नई दिल्ली, 29 जून (आईएएनएस)। भारतीय साहित्य में, बाबा नागार्जुन एक ऐसा व्यक्ति है जिसने न केवल अपने लेखन के साथ साहित्य को समृद्ध किया, बल्कि तत्कालीन समाज के दर्पण…