नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। बदलते मौसम के साथ छींकने, खांसी, ठंड और एलर्जी सहित मौसमी रोगों के प्रकोपों को देखा जाता है। देखने में ये छोटी समस्याएं भी बड़ी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। यह राहत की बात है कि सरल और छोटे उपाय न केवल मौसमी रोगों को रोकने के लिए संभव बनाते हैं, बल्कि प्रतिरक्षा को मजबूत भी बनाते हैं।
आयुष, भारत सरकार के मंत्रालय ने मौसमी स्वास्थ्य समस्याओं और प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने सरल और प्राकृतिक आदतों को अपनाने की सलाह दी है, जो मौसमी रोगों को रोकती हैं और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देती हैं।
मंत्रालय के अनुसार, ये सरल उपाय आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के सिद्धांतों पर आधारित हैं, जो न केवल बीमारियों से बचाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य में भी सुधार करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये उपाय सभी के लिए सरल, किफायती और सुलभ हैं। मंत्रालय के अनुसार, कुछ आसान उपाय प्रतिरक्षा को बढ़ा सकते हैं। इसके लिए, सबसे पहले, नियमित रूप से गर्म पानी पीते हैं, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और विषाक्त पदार्थों को हटा देता है। इसके अलावा, दैनिक दिनचर्या, जैसे कि भोजन, व्यायाम और नींद, स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
मंत्रालय ने सीजन (सीज़न के अनुसार जीवन शैली) को अपनाने की सलाह दी है, जिसमें सीजन के अनुसार आहार और दिनचर्या में परिवर्तन शामिल हैं। एक संतुलित आहार (आहार), सक्रिय जीवन शैली (विहार) और गहरी नींद को अपनाकर शरीर को मजबूत किया जा सकता है।
इतना ही नहीं, योग और प्राणायाम जैसे सांस लेने वाले व्यायाम तनाव से छुटकारा पाने के लिए बहुत प्रभावी हैं। ये अभ्यास मानसिक शांति प्रदान करते हैं और प्रतिरक्षा बढ़ाते हैं। इसके अलावा, भाप लेना, नाक में तिल या नारियल का तेल लगाने और बेसिल, अदरक जैसे गर्म हर्बल पेय से बने काढ़ा पीना मौसमी रोगों से बचाने में मदद करता है।
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