नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय पर्यटन क्षेत्र की आय 2028 तक 5,12,356 करोड़ रुपये ($ 59 बिलियन से अधिक) से अधिक होने का अनुमान है। इस दौरान विदेशी पर्यटकों की संख्या 3.05 करोड़ तक पहुंच सकती है। यह जानकारी शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई थी।
कैपिटलमाइंड पीएमएस ने रिपोर्ट में बताया कि पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा गया है कि घरेलू पर्यटन में तेजी आ रही है और यात्रियों की संख्या 2024 में 2.5 बिलियन से बढ़कर 5.2 बिलियन से 2030 (13.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर) तक बढ़ने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है और लोगों की बढ़ती आय और बेहतर परिवहन सुविधाओं के कारण, देश में रिकॉर्ड यात्राएं हो रही हैं। इसके अलावा, लक्जरी और सांस्कृतिक प्रवास के लिए विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।
घरेलू पर्यटकों की लागत 2019 में 12.74 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2023 में 14.64 लाख करोड़ रुपये हो गई और 2034 तक, यह 33.95 लाख करोड़ रुपये (7.9 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक विकास दर) तक पहुंचने की उम्मीद है।
हवा, सड़क और रेल की बेहतर कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन बुनियादी ढांचे में निवेश करना, यह वृद्धि इस वृद्धि को तेज कर रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू हवाई यात्री 307 मिलियन ट्रैफिक वर्ष से बढ़कर वित्तीय वर्ष 30, यानी 693 मिलियन से दोगुना से अधिक हो जाएगा।
वित्त वर्ष 27 तक यात्रा बाजार में 75 बिलियन डॉलर वित्तीय वर्ष 20 से 125 बिलियन डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू पर्यटक यात्रा (DTV) 2023 में 2023 में 44.98 प्रतिशत बढ़कर 250 करोड़ हो गई है।
2023 में विदेशी पर्यटकों की संख्या 1.88 करोड़ तक पहुंच गई है, जो 2019 में 1.79 करोड़ से अधिक 5.47 प्रतिशत अधिक है।
रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी अब यूरोप छोड़ रहे हैं और भारत के लक्जरी कल्याण को पीछे छोड़ रहे हैं। आयुर्वेद रिसॉर्ट्स, स्टे इन पैलेस, योग स्पा: ऑल बुक किए जा रहे हैं। इसके अलावा, देश में विलासिता का महत्व भी धीरे -धीरे बढ़ रहा है।
-इंस
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